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Friday, 31 August 2012

Kabir ke dohe in Hindi

Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

पर नारी पैनी छुरी, विरला बांचै कोय

कबहुं छेड़ि न देखिये, हंसि हंसि खावे रोय।

संत कबीर दास जी कहते हैं कि दूसरे की स्त्री को अपने लिये पैनी छुरी ही समझो। उससे तो कोई विरला ही बच पाता है। कभी पराई स्त्री से छेड़छाड़ मत करो। वह हंसते हंसते खाते हुए रोने लगती है।


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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

पर नारी का राचना, ज्यूं लहसून की खान।

कोने बैठे खाइये, परगट होय निदान।।

संत कबीरदास जी कहते हैं कि पराई स्त्री के साथ प्रेम प्रसंग करना लहसून खाने के समान है। उसे चाहे कोने में बैठकर खाओ पर उसकी सुंगध दूर तक प्रकट होती है।


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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित हुआ न कोय।

ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होय।

पोथी पढ़-पढ़कर संसार में बहुत लोग मर गए लेकिन विद्वान न हुए पंडित न हुए। जो प्रेम को पढ़ लेता है वह पंडित हो जाता है।


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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

कुटिल वचन सबतें बुरा, जारि करै सब छार।

साधु वचन जल रूप है, बरसै अमृत धार।।

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि कटु वचन बहुत बुरे होते हैं और उनकी वजह से पूरा बदन जलने लगता है। जबकि मधुर वचन शीतल जल की तरह हैं और जब बोले जाते हैं तो ऐसा लगता है कि अमृत बरस रहा है।

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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

शब्द न करैं मुलाहिजा, शब्द फिरै चहुं धार।

आपा पर जब चींहिया, तब गुरु सिष व्यवहार।।

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि शब्द किसी का मूंह नहीं ताकता। वह तो चारों ओर निर्विघ्न विचरण करता है। जब शब्द ज्ञान से अपने पराये का ज्ञान होता है तब गुरु शिष्य का संबंध स्वतः स्थापित हो जाता है।


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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।

जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि प्रेम करने की बात तो सभी करते हैं पर उसके वास्तविक रूप को कोई समझ नहीं पाता। प्रेम का सच्चा मार्ग तो वही है जहां परमात्मा की भक्ति और ज्ञान प्राप्त हो सके।


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Kabir ke dohe: संत कबीर के दोहे अर्थ सहित

गुणवेता और द्रव्य को, प्रीति करै सब कोय।

कबीर प्रीति सो जानिये, इनसे न्यारी होय॥

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि गुणवेताओ-चालाक और ढोंगी लोग- और धनपतियों से तो हर कोई प्रेम करता है पर सच्चा प्रेम तो वह है जो न्यारा-स्वार्थरहित-हो

kabir ke dohe in hindi

Kabir das Dohe

Naino ki kari kothri, putli palang bichhai
Palko ki chik darike, piya ko liya rijhai

I made my eyes into a bridal room, and the pupils into a bridal bed
I pulled down curtains of the eyelids and pleased my beloved

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Loot sake to loot le, ram naam ki loot
Paache pachhtayega, jab pran jayenge chhoot

You have the access to the name of Ram without any cost. Why dont you have access to it as much as you can. Otherwise at the last moment of your life you will feel sorry
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Kabira yeh sansar hai, jaisa semal phool
Din das ke vyavahar mein, jhoote rang na bhool

This world is like a flower that traps a bee. Dont get overwhelmed by what you experience for a while.

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Karta raha so kyo raha, ab kari kyo pachhataye
Boye ped babul ka, so amua kaha se paaye

why were u doing what you were doing, now what the use of repenting
you have sown seeds of Babool tree, don't expect mangoes from that
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Wednesday, 25 July 2012

Sai Baba Vani

SAI BABA WALLPAPER

SAI BABA WALLPAPER

SAI BABA WALLPAPER

SAI BABA WALLPAPER

हर कदम पर क्यों सदा मै मार खाता हूँ जितना चाहू मगर में हार जाता हूँ,
आ देख ले आकर के साईं मेरे ये हालत थाम लो साईं बाबा आकर के मेरा हाथ

""बाबा मालिक"
"जय साईं देवा"

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इंसान अपना चेहरा सजाता है जिस पर लोगो की नज़र होती है,
मगर..
दिल को सजाने की कोशिश कोई नहीं करता जिस पर साईं राम की नज़र होती है

"सबका मालिक एक"
"ॐ साईं राम"

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साईं का खेल बड़ा ही निराला है..
वो तब नहीं देता जब ज़रुरत कम उम्मीद ज्यादा हो,
वो तो तब देता है जब उम्मीद कम मगर जरूरत ज्यादा हो...

सबका मालिक एक..
जय साईं देवा..
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अज़ीज़ भी साईं हैं नसीब भी साईं हैं !!
दुनिया की भीड़ में करीब भी साईं हैं !!
उनकी रहमत से ही चलती है जिंदगी !!
क्योंकि राम भी साईं हैं रहीम भी साईं हैं !!

!! जय श्री साई राम !! !! ॐ श्री साई राम !! !! सत्य श्री साई राम !!